-: आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत कोलावाले :-
पिंपरी (Pclive7.com):- विश्व भर में सुर्खियों में रहने वाले कोरोना वायरस के बारे में सबसे कठिन हिस्सा यह है कि डॉक्टरों को अभी तक कोई इलाज नहीं मिला है, यहां तक कि वैज्ञानिकों ने एक निवारक टीका बना दिया है जो कथित तौर पर अब से केवल एक साल पहले उपलब्ध होगा।
दिसम्बर माह में चीन से शुरू हुआ कोरोना वायरस का आतंक अब एक-एक कर दुनिया के 70 से भी अधिक देशों में पैर पसार चुका है और दर्जन भर देशों में इसके चलते मौतें भी हो चुकी हैं। चीन में कोरोना संक्रमण के 80 हजार से भी ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं और तीन हजार से अधिक मौतें हो चुकी हैं। संक्रमण के मामले में चीन, ईरान, इटली, कोरिया तथा सिंगापुर की स्थिति ज्यादा चिंताजनक है। दूसरी ओर कुछ दिनों पहले भारत में मिले तीन कोरोना मरीजों के ठीक होने के बाद अब दो दिनों के भीतर 11 राज्यों में कोरोना के कई संदिग्ध मरीजों के मिलने से हड़कंप मचा है। इनमें से लगभग सभी दूसरे देशों की यात्रा करके भारत लौटे थे। यही कारण है कि सरकार द्वारा आनन-फानन में सक्रियता दिखाते हुए इटली, ईरान, कोरिया और जापान के वीजा निलंबित कर 12 से भी अधिक देशों से आने वाले यात्रियों की जांच का निर्णय लिया गया है।
A. कोरोना वायरस का आक्रमण श्वसन प्रणाली को कमजोर कर देता है, लेकिन आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के मुताबिक संक्रमित व्यक्ति के नाक में- अणु तेल, शरद बिंदु तेल, सरसों का तेल, गाय का घी डाला जाता है तो ऐसे में संक्रमित वायरस रुक जाता है.
B. इसके अलावा आयुर्वेद में कई ऐसी जड़ी बूटियां हैं, जो इस बीमारी का इलाज कर सकती हैं. गिलोय, सुदर्शन कुटकी, ग्वारपाठा, स्वर्ण भस्म, त्रिकटु त्रिफला, पंचकोल पाउडर जैसी जड़ी बूटियां कोरोना वायरस के इलाज में कारगर हो सकते हैं.
C. आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत कोलावाले के मुताबिक कोरोना वायरस से बचाव के लिए मांसाहारी खाने से बचना चाहिए. खांसते और छींकते वक्त अपना मुंह और नाक ढंक कर रखें. सांस लेने में किसी तरह की दिक्कत हो तो तुरंत ही डॉक्टर से सलाह लें.
D. आयुर्वेदिक उपाय के बारे में बात करने जा रहे हैं जो आपकी प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं, और Covid-19 के खिलाफ बेहतर सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं.
1. आंवला (Amla) – आंवला एक फल है जिसे स्वास्थ्य विशेषज्ञ दैनिक रूप से लेने की सलाह देते रहे हैं, खासतौर पर इसलिए क्योंकि यह इम्यून सिस्टम को बढ़ाने में भी कारगर है.
2. गिलोय (Giloy) – अमृत या गिलोय को तीनों तरह की परेशानियों के निवारक के रूप में जाना जाता है, जो कि फिजिकल बॉडी का निर्माण करने के लिए मददगार हैं. यह एक जड़ी बूटी है जो सभी के लिए फायदेमंद है. यह एक शक्तिशाली इम्युनोमोड्यूलेटर है, जो इम्यून सिस्टम को विनियमित और सामान्य करने में मदद करती है
3. हल्दी और काली मिर्च (Turmeric And Black Pepper) – काली मिर्च के साथ मिलाए जाने पर हल्दी जादू की तरह काम करती है. काली मिर्च में पिपेरिन की उपस्थिति में करक्यूमिन (हल्दी में शक्तिशाली यौगिक) सक्रिय होता है दोनों मिलकर आपकी इम्यूनिटी को बढ़ा सकते हैं. कर्क्यूमिन में एंटीसेप्टिक, एंटी इंफ्लेमेटरी और जीवाणुरोधी गुण होते हैं.
4 – तुलसी और अदरक की चाय – (दिन में किसी भी समय)
5 – अदरक, तुलसी और शहद का काढ़ा (दो या तीन रोज)
6 – इम्यूनिटी बढ़ाने वाले लड्डू (गुड़, घी, हल्दी और अदरक पाउडर के साथ)
7 – रात को हल्दी वाला दूध
– डॉ. प्रशांत कोलावालेआयुर्वेद विशेषज्ञ
निगडी, पुणे.मोबाईल नं. 9226866252
( टीप – प्रसिध्द करण्यात आलेल्या लेखाशी संपादक सहमत असतीलच असे नाही)





















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